bhagat singh photo

bhagat singh photo

 

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

रस्सा चूम के फांसी दा,

हिक्क तान के सूली चढ़दा…

हो मुड के आजा विरिया ओए

अरदास यही नित करदा…

 

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

Bhagat Singh Photo

 

24 सालां दा गबरु सी,
जद जान देश तो वारी …
जालीम सरकारां अग्गे,
तु कदे हिम्मत ना हारी…

24 सालां दा गबरु सी,
जद जान देश तो वारी …
जालीम सरकारां अग्गे,
तु कदे हिम्मत ना हारी…

होये गिदडा दी दहाड़ा तो,
बब्बर शेर कदो सी डर दा…

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

 

रस्सा चूम के फांसी दा,

हिक्क तान के सूली चढ़दा…

हो मुड के आजा विरिया ओए

अरदास यही नित करदा…

 

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

Bhagat Singh Photo

Bhagat-Singh-Photo

जेडी बलदी सीने ‘च
ओस्स अग्ग नु कौन बुझावे
वेख हाल मुल्क दा हाय
मेनू तेरी याद सताए…

जेडी बलदी सीने ‘च
ओस्स अग्ग नु कौन बुझावे
वेख हाल मुल्क दा हाय
मेनू तेरी याद सताए…

 

चले झूठ ने दुनिया वे,

इत्थे सच रोज ही मरदा

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

Bhagat Singh Photo

bhagat singh photo

रस्सा चूम के फांसी दा,

हिक्क तान के सूली चढ़दा…

हो मुड के आजा विरिया ओए

अरदास यही नित करदा…

 

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

 

हो मुड के आजा विरिया ओए

अरदास यही नित करदा…

 

मैं फेन भगत सिंह दा

जेहडा नई सी गुलामी करदा…

Bhagat Singh Photo

bhagat singh photo

फेन भगत सिंह दा गीत बिक्कर बाई सेंटी मेंटल – 2013 एल्बम से लिया गया है इस शानदार देशभक्ति गीत को दिलजीत दोसाँझ द्वारा गया गया है।

यह गीत जेएसएल सिंह द्वारा रचित है और गीत के बोल इक्का द्वारा लिखे गए हैं।  इस देशभक्ति गीत कि mp3 यहाँ डाउनलोड करे |

 

Download Mp3 128 Kbps

 

तेरा लुट न जाये माल ओये
ओ जट्टा पगड़ी संभाल ओये…

पगड़ी संभाल जट्टा पगड़ी संभाल ओए
तेरा लुट ना जाये माल जट्टा पगड़ी संभाल ओये

तोड़ गुलामी की जंजीरें,
बदल दे तू अपनी तक़दीरें
पड़ जा ऐसा इनके पल्ले,
कर दे इनकी बल्ले-बल्ले
आसमानो को भी वो झुकाये झुकाये

यारों जो कभी भी हिम्मत ना हारे
आदमी यहां पे जो चाहे जो चाहे
यारों तो जमीन पे लाये सितारें

बन्दा किसने हवा को, वक्त को किसने देखा
मेहनत से ही बदलेगी तेरी हाथों की रेखा
तेरा लुट ना जाए माल जट्टा पगड़ी संभाल ओये

Bhagat Singh Photo

bhagat singh photo

आज हम करेंगे ये वादा ये वादा जट्टा
आज हम करेंगे ये वादा
बेड़ियों को मिल के मिटाना मिटाना जट्टा
है यही अब अपना इरादा…

फौलादी है बाहें तेरी,पत्थर का है सीना
करदे करदे इन गोरों का अब तो मुश्किल जीना
तेरा लुट न जाये माल जट्टा पगड़ी संभाल ओये

तोड़ गुलामी की जंजीरें,
बदल दे तू अपनी तक़दीरें
पड़ जा ऐसा इनके पल्ले,
कर दे इनकी बल्ले-बल्ले

 

bhagat singh photo

  • किसी को “क्रांति ” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नहीं करनी चाहिए।
  • जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरूपयोग करते हैं
  • उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते है|

मैं इस बात पर जोर देता हूँ कि मैं महत्त्वाकांक्षा, आशा, और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ, पर मैं ज़रुरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान है|

Bhagat Singh Photo

bhagat singh photo

  • अहिंसा को आत्म-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है
  • जिसमे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है
  • लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाएं ?
  • तभी हमें आत्म -बल को शारीरिक बल से जोड़ने की ज़रुरत पड़ती है
  • ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमो-करम पर ना निर्भर रहे |

किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और  नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजी, कमाल पाशा और राजा खान , वाशिंगटन और गैरीबाल्डी , लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शों से प्रेरित है।

  • इंसान तभी कुछ कर पाता है
  • जब वो अपने काम के परिणाम को लेकर सुनिश्चित होता है,
  • जैसा कि हम असेम्बली में बम फेंकने को लेकर थे|

जो व्यक्ति भी विकास के लिए उठ खड़ा होया है, उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी|

Bhagat Singh Photo

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *