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Rijaq Ram Dahiya | Great Jat leader Sonipat

Rijaq Ram Dahiya a prominent Jat leader from Sonipat

chaudhary Rijaq Ram Dahiya सोनीपत हरियाणा के एक प्रमुख जाट नेता थे। उन्होंने सोनीपत जिले के राई निर्वाचन क्षेत्र के बडखालसा गांव में 1912 को जन्म लेकर इसको राष्ट्रीय लेबल तक चर्चित किया।

Rijaq Ram Dahiya संयुक्त पंजाब के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जिन्होंने अलग हरियाणा राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया था।

उन्होंने 1952 में राई विधानसभा क्षेत्र से संयुक्त पंजाब में अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद उन्होंने 1962 के विधानसभा चुनावों में सफलतापूर्वक चुनाव लड़ा और 1964 से 1966 तक संयुक्त पंजाब में सिंचाई और ऊर्जा मंत्री बने रहे।

यह उनका ही दम ख़म था जो हरियाणा बनने से पहले ही लगभग जितनी नहरे हरियाणा में आ रही है उनकी नींव इन्ही के हाथों से रखी गयी थी |

आज कोई कुछ कहे पर काम करने वाले Rijaq Ram Dahiya ही थे जिनके किये कामों पर बाद के नेताओं ने अपने शिलापट लगाये हुए है |

उनकी उपलब्धियों को दफन करने का काम सभी स्वयम्भू नेताओं ने किया है तभी तो आज आम युवा उनका नाम  नहीं जानता |

जब 1 नवंबर 1966 को हरियाणा का गठन हुआ, तो वह 1967 में पं भगवत दयाल मंत्रालय में मंत्री बने लेकिन मुख्यमंत्री पंडित जी के साथ कुछ मतभेदों के कारण छोड़ दिया। उन्होंने 1967, 1972 और 1977 में राई निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव भी जीते।

Rijaq Ram Dahiya 2-8-1968 से 3-2-1970 तक राज्यसभा के सदस्य थे, जब उन्होंने चंडीगढ़ को पंजाब में स्थानांतरित करने के लिए केंद्र के सूचित निर्णय के विरोध में इस्तीफा दे दिया था।

1977 में, उन्हें फिर से हरियाणा विधान सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया और भजन लाल मंत्रिमंडल में सिंचाई और ऊर्जा मंत्री बन गए।

चौधरी Rijaq Ram Dahiya सिंचाई व बिजली मंत्री 1952 संयुक्त पंजाब सरकार, भूतपूर्व लोकसभा व राज्यसभा सांसद, चण्डीगढ़ विवाद के चलते हरियाणा के हक की खातिर राजसभा से इस्तीफा देने वाले पहले सांसद थे |

Rijaq Ram Dahiya

चौधरी Rijaq Ram Dahiya के सुपुत्र चौधरी जय तीर्थ दहिया वर्तमान में अपनी परम्परागत राई विधानसभा से विधायक है |

हम पढ़ रहे है Rijaq Ram Dahiya

1980 लोकसभा चुनाव में चौधरी देवीलाल जो उस समय सभी उभरते जाट नेताओं के खिलाफ चुनाव लड़ते फिरते थे, को सोनीपत लोकसभा से हराकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आये |

चौधरी देवीलाल यह चुनाव खुद लड़े थे जबकि चौधरी रिजक राम ने धर्मपाल सिंह मालिक को आशीर्वाद देकर मैदान में उतारा था |

हरियाणा की राजनीती में त्यागमूर्ति के नाम से प्रसिद्ध महापुरुष चौधरी रिजक राम उत्तर भारत के सबसे बड़े शिक्षा संस्थान हिन्दू चैरिटी के आजीवन अध्यक्ष रहे |

चौधरी रिजक राम सोनीपत जिले में हिंदू एजुकेशनल सोसाइटी और गुरुकुल मटीन्डू से जुड़े थे। वह महाराजा सूरजमल ट्रस्ट के आजीवन जीवन सदस्य भी थे। उनकी मृत्यु 9 अक्टूबर, 1998 को हुई थी |

Rijaq Ram Dahiya

चौधरी जय तीर्थ दहिया भी अपने पिता Rijaq Ram Dahiya की तरह दानवीर सज्जन है हमेशा गरीबों को देते रहते है | उनके खेल प्रेम भी किसी से छुपा नहीं है | तत्कालीन भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सरकार में उन्हें खिलाडियों की बहुत मदद की थी जिसके परिणाम स्वरूप आज हरियाणा भारत की मैडल खदान है | राई स्थित अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स संस्थान को स्थापित करवाने में उनका अहम हाथ है |

परिवार Rijaq Ram Dahiya

चौधरी जय तीरथ दहिया स्व. चौधरी रिजाक राम के पुत्र हैं, जो संयुक्त पंजाब (हरियाणा) के एक प्रमुख नेता थे। दहिया पेशे के वकील हैं और हिंदू कॉलेज, सोनीपत की प्रबंधन समिति के सदस्य भी हैं।

2014 चुनाव

जय तीरथ दहिया ने 2014 के चुनावों में राई विधानसभा सीट जीती, केवल 3 वोटों के बहुमत से! चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चला कि 62 वर्षीय जय तीरथ दहिया (कांग्रेस) ने 68 वर्षीय इंद्रजीत दहिया (आईएनएलडी) 36,700 के खिलाफ 36,703 वोटों का चुनाव किया था।

Rijaq Ram Dahiya

पिता और दादा Rijaq Ram Dahiya के नक्शेकदम पर चलते हुए हमारे मित्र Arjun dahiya भी हमेशा ही खिलाडियों की मदद के लिए आगे रहते है |

पता

मकान नम्बर 13, बडखालसा गांव, पीएस राई, सोनीपत
हाउस नं. 191 / आर. मॉडल टाउन, सोनीपत।

जय जवान जय किसान 

Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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