भाखड़ा बाँध योजना

bhakra nangal dam 

भाखड़ा बांध को मूर्त रूप देने के लिए दीनबंधु सर छोटूराम ने कमर कस रखी थी | पहली मिनिस्ट्री में उसे उन्होंने कार्यक्रम में रखवाया |

जब 1926 में उन्हें मिनिस्ट्री में नहीं लिया गया तो असेम्बली सदस्य की हैसियत से उन्होंने हर साल बजट अधिवेशन पर इस योजना को पूरा करने के लिए उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया |

किन्तु इस योजना की पूर्ति पर जितना खर्च होना था, उसे बर्दास्त करने की हिम्मत पंजाब सरकार नहीं कर रही थी |

सन 1937 की मिनिस्ट्री में जब वो शामिल किये गये तो 12 जून को असेम्बली की बैठक में अपने विरोधियों को उत्तर देते हुए उन्होंने कहा था,

सबसे अधिक महत्व की बात bhakra nangal damयोजना है |

मैं इस पर ज्यादा नहीं कहना चाहता बस एक बात कहना चाहता हूँ और यह कि दक्षिण पूर्वी पंजाब के मेम्बर विश्वास रखे कि उस इलाके की सिंचाई के प्रबंध के लिए मैं अपने आप को खपा दूंगा |

जब तक यह प्रोग्राम पूरा नहीं हो जाता मैं चैन से नहीं सोऊंगा | यकीकन इसे पूरा किये बिना मौत भी मुझे नहीं मार सकती है |

bhakra nangal damके बनने में 4 मुख्य समस्याएं थी;-

  1. 20 करोड़ से अधिक का खर्च
  2. इंजीनियरों और विशेषज्ञों की स्वीकृति
  3. केन्द्रीय सरकार का सहयोग
  4. सिंध सरकार की मुआवजे की मांग

bhakra nangal dam | deenbandhu sir chhotu ram

सरकारी खजाने में रूपये की कमी थी | किसानों की अवस्था ऐसी थी नहीं कि उन पर टेक्स बढ़ाया जा सके |

साहूकार अपने पर टेक्स न लगने देने के लिए कांग्रेस और हिन्दू सभा के शहरी नेताओं को अपनी तरफ मिलाए बैठे थे |

इसी कारण वो किसी भी ऐसी योजना या काम का न तो समर्थन करते थे न ही वो ऐसी कोई मांग करते थे जिससे सरकार को टेक्स लगाने पर मजबूर होना पड़े |

उन्होंने असेम्बली के प्रथम अधिवेशन में सरकारी नौकरों की तनख्वाहें कम करने और सरकारी मंत्रियो की सूख सुविधाओं को घटा देने की बात तो की,

लेकिन कोई भी ऐसी मांग पेश नहीं की जो प्रान्त की स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन ला देने वाली हो |

पंडित श्री राम शर्मा थे तो कांग्रेसी पर हरियाणा के देहाती इलाके से असेम्बली में चुनकर आये थे

यदि देहातियों के हित के लिए कुछ भी न बोलते तो उनकी स्थिति देहात में खराब हो सकती थी |

केवल वही एक नेता थे जिन्होंने उस समय सदन में कहा था कि bhakra nangal dam योजना का काम शुरू किया जाना चाहिए |

उन्ही के उत्तर में चौधरी छोटूराम ने कहा था मैं आपके इलाके को हर भरा बनाने के लिए अपना जीवन खपा दूंगा | 

भाखड़ा बांध योजना 

दोस्तों bhakra nangal dam आज जहाँ बना है, सतलुज का यह नाका तो पंजाब की सीमा में है

पर 60 मील लम्बी सारी झील जो आज गोबिंद सागर के नाम से जानी जाती है विलासपुर रियासत की सीमा में थी |

इस योजना को शुरू करने से पहले बिलासपुर रियासत से एग्रीमेन्ट करना भी जरूरी था |

चौधरी साहब ने दिन रात दौड़ धुप करके अपनी मृत्यु से पहले यह लिखित एग्रीमेन्ट भी पूरा कर ही लिया |

इसको सफल बनाने के लिए उन्होंने दुसरे विश्व युद्ध में सरकारी सेना में जाटों की भर्ती के बदले ब्रिटिश सरकार से बदले में बिलासपुर राजा से बांध के लिए यह जमीन ली थी |

दूसरी अडचन सिंध राज्य की सरकार डाल रही थी | सिंध राज्य की कुछ नहरें सतलुज नदी के भरोसे ही चलती थी, अन्यथा वे सुखी पड़ी रहती थी |

इन नहरों को काम चलाऊ बनाने के लिए 6 करोड़ रूपये की लागत आंकी गयी और

केन्द्रीय सरकार का कहना था कि सिंध सरकार को यह रकम देकर ही पंजाब सरकार bhakra nangal dam पर काम शुरू कर सकती है |

Sir Cahudhary chhotu ram

 

रहबर

पहले तो दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने यह 6 करोड़ की शर्त पूरी करने के लिए प्रीवी कोंसिल में अपील कराई | इसके बाद वो बीमार पड़ गये |

प्रिवी कोंसिल में मामला लम्बा होता देख उन्होंने खुद पंजाब के राजस्व मंत्री रहते वो 6 करोड़ की रकम सिंध सरकार को देकर उसे नक्की कर दिया |

बताया जाता है कि मृत्यु शैय्या पर पड़े हुए ही अपने देह त्याग के कुछ दिन पहले ही इस bhakra nangal dam योजना की अंतिम स्वीकृति नियमपूर्वक करा दी थी |

अपनी मृत्यु से कुछ माह पहले ही उन्होंने एक इंजीनियर को bhakra nangal dam निर्माण तकनीकी सिखने के लिए अमेरिका भेजा था | 

आज भी भाखड़ा बांध देखने जाने वाले पर्यटकों के समक्ष पंजाब सरकार के इंजीनियर इस bhakra nangal dam योजना के प्रवर्तक चौधरी सर छोटूराम का यशोगान कहते है |

सन 1955 में भाखड़ा बांध के उद्घाटन के मौके पर पं जवाहरलाल नेहरु, प्रताप सिंह कैरों मुख्यमंत्री पंजाब, चौधरी रणबीर हुड्डा सिचाई मंत्री पंजाब |

यह तीनों महापुरुष इस बांध के उद्घाटन के समय मंत्री थे पर इसके निर्माण में इनका 1% भी योगदान नहीं है |

इस बांध का निर्माण टोटली दीनबन्धु सर चौधरी छोटूराम जी की देन है |

जय दादा छोटूराम

भाखड़ा बांध

Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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