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बेनीवाल गोत्र के महापुरूष और अनमोल रत्न

Legends and Gems of Beniwal हमारा आज का विषय है |

दोस्तों वैसे तो हमारी जाट कौम के प्रत्येक गोत्र में अनेक महापुरुष हुए है जिन्होंने अपने आदर्शों से देश व समाज को दिशा दी है |

उसी कड़ी में हम आज आपके सामने बेनीवाल जाट गोत्र के Legends and Gems of Beniwal का वर्णन करेंगे |

तो आइये पढ़ते है उन महान विभतियों के नाम व पद पुरस्कार

  1. रायसल बेनिवाल – 15 वी सदी राजस्थान में जांगलदेश क्षेत्र के जाट शासक
  2. चौधरी बद्रीराम बेनीवाल छानी भादरा, हनुमानगढ़ एक सामाजिक कार्यकर्ता थे।
  3. चौधरी रामलाल बेनिवाल, सरदारगढ़िया से, भद्र, हनुमानगढ़, हनुमानगढ़, राजस्थान में एक सामाजिक कार्यकर्ता थे।
  4. अभिमन्यु बेनिवाल, उप निदेशक-वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
  5. अनुराधा बेनिवाल – राष्ट्रीय शतरंज चैंपियन वर्तमान में लंदन में रहती है (हरियाणा से)। लंदन में उनकी शतरंज अकेडमी है।
  6. अमृता देवी बेनीवाल – बिश्नोई शहीद
  7. विजेंदर बेनिवाल – भारतीय बॉक्सर
  8. भीम सेन चौधरी (1925-2000) – लुनकरणसर, बीकानेर, राजस्थान छह बार विधायक
  9. भलेराम बेनिवाल – करनाल जिला जाट इतिहासकार
  10. स्वर्गीय चौ. कल्याण सिंह – ब्रिटिश राज में पहले जाट मजिस्ट्रेट (रुड़की) मंदावली, हरिद्वार उत्तराखंड
  11. कमला बेनीवाल – राजस्थान के राजनीतिक नेता
  12. दिलीप सिंह बेनिवाल – सामाजिक कार्यकर्ता Legends and Gems of Beniwal
  13. मेघा राम बेनिवाल – 1965 भारत-पाक युद्ध के शहीद, गांव खट्टू, बाड़मेर
  14. देवा राम बेनिवाल – 1971 भारत-पाक युद्ध के शहीद, गांव: बायतु पानजी (बाड़मेर)
  15. जेठा राम बेनिवाल – राजस्थान के गराल (बाडमेर) के प्रसिद्ध वकील और किसान नेता
  16. हरदत सिंह बेनिवाल  भादरा, हनुमानगढ़, राजस्थान से स्वतंत्रता सेनानी।
  17. जेठ नाथ परमहंस (बेनिवाल) – मठाधीश जसनाथ आश्रम कोलू
  18. Legends and Gems of Beniwal | बेनीवाल गोत्र के महापुरूष और अनमोल रत्न Legends and Gems of Beniwal
  19. हनुमान बेनीवाल 
  20. संजय बेनिवाल – आईपीएस दिल्ली
  21. बी.एस. बेनिवाल -आईएफएस एजीएमयू
  22. हरवीर सिंह बेनिवाल – आरजेएस राजस्थान
  23. छात्रा सिंह बेनिवाल – आरएएस राजस्थान
  24. चौधरी रामरिखसिंह बेनीवाल- चुली बागडीयान, हिसार, जयपुर में एक सामाजिक कार्यकर्ता और स्वतंत्रता सेनानी थे।
  25. कालुराम बेनिवाल – गांव खिड़की तह. निवाई जिले टोंक, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता।
  26. बलबीर सिंह बेनिवाल – सेवानिवृत्त डीआईजी (बीएसएफ), हनुमान नगर, जयपुर में बस गए। गाँव राबुरी, डाक.रावतसर, वाया-संखू फोर्ट, जिला- चुरु, राजस्थान, वर्तमान पता: सी -99, गारूड मारग, हनुमान नगर, जयपुर, निवासी फोन नंबर: 0141-2355915, मोबाइल नंबर: 9414889795, ईमेल पता: beniwal1965@gmail.com   Legends and Gems of Beniwal
  27. बीरबल सिंह बेनिवाल – सेवानिवृत्त उप निदेशक (खेल), 1935 में जन्मे, नासिक में बेनिवाल ट्रैवल फर्म
  28. डॉ डी एस बेनिवाल, हनुमानगढ़
  29. स्व. मेजर एसएस बेनिवाल आईसी 1769 समालखा (पानीपत)
  30. लेफ्टिनेंट सीडीआर (सेवानिवृत्त) जी.एस.बेनीवाल समालखा ईमेल: lcdr.beniwal@gmail.com
  31. पूर्व कैप्टन पी.एस.बेनीवाल समालखा- अब न्यू जर्सी (यूएसए) में बस गए
  32. वीरेंद्र बेनिवाल – भारतीय कृषि पत्रकार पुरस्कार प्राप्तकर्ता, 2006 के MLA लुन्करणसर
Legends and Gems of Beniwal
  1. विजेंदर सिंह बेनिवाल – मुक्केबाजी कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 में रजत पदक 69 किलो और बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य पदक 75 किलोग्राम                             
  2. विजयपाल बेनिवाल – अध्यक्ष, छात्र संघ, govt डुंगर कॉलेज, बीकानेर
  3. मेजर जनरल ओ पी बेनिवाल, वीएसएम सिग्नल के कोर। वर्तमान में उत्तरी दिल्ली में तैनात हैं। चौधरी रामरिखसिंह बेनिवाल का बेटा
  4. प्रीती बेनिवाल – हरियाणा भारतीय महिला बॉक्सर
  5. संजीव बेनीवाल – विधायक 2013 भादरा, जिला हनुमानगढ़
  6. जगदीश बेनीवाल – दडबा कलां जिला सिरसा पूर्व विधायक
  7. विद्या बेनीवाल – पूर्व सांसद और पूर्व विधायक दडबा कलां, जिला सिरसा
  8. भरत सिंह बेनिवाल – जिला सिरसा दडबा कलां पूर्व विधायक
  9. स्वर्गीय प्रो.जगदीश बेनिवाल – दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के प्रोफेसर दडबा कलां, जिला सिरसा
  10. कुलवीर सिंह बेनिवाल – पूर्व विधायक भट्टू कलां, जिला फतेहाबाद
  11.  रणसिंह बेनीवाल- पूर्व विधायक भट्टू कलां, जिला फतेहाबाद
  12. राम देव सिंह बेनिवाल – आरएएस, गृह जिला – चुरु
  13. लाल सिंह बेनिवाल – प्रगतिशील किसान
  14. मेजर एन एस बेनिवाल – एएमसी में डॉक्टर
  15. डॉ संदीप बेनीवाल – गाँव बिजनाई का बास रघुनाथपुरा झुनझुनू ।
  16. चौ. लालचंद बेनीवाल नंबरदार मुन्सरी हनुमानगढ़
  17. कपिल बेनीवाल नंबरदार – मुन्सरी हनुमानगढ़
  18. श्री सुभाष बेनीवाल सरपंच – मुन्सरी हनुमानगढ़
  19. Legends and Gems of Beniwal | बेनीवाल गोत्र के महापुरूष और अनमोल रत्न
  20. धरम पाल बेनिवाल – मुख्य अभियंता मर्चेंट नेवी, रामगिरिया, तह- भादरा, जिला- हनुमानगढ़, राजस्थान, वर्तमान पता: 72, अधिकारी परिसर, कृष्णा मार्ग, सिरसी रोड, जयपुर, राजस्थान, फोन: 0141-2351947, भीड़: 9414389094,
  21. भगता राम बेनिवाल – अधीक्षक केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क, जिला: बाड़मेर, वर्तमान पता: 304, मधुराम अपार्टमेंट, छरवाडा रोड, जीआईडीसी, वापी -396195 गुजरात, मोब: 9426889292, ईमेल: beniwal62@yahoo.com
  22. देवेन्द्र कुमार बेनिवाल – आईईएस 1999 गांव गाल बाड़मेर
  23. जीत राम बेनिवाल – आईईएस गांव मुंडा हनुमानगढ़, जाट एक्सप्रेस, 25-11-2012
  24. प्रो.अनूप सिंह बेनिवाल – डीन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंस
  25. राजकुमार बेनिवाल – आईएएस कलेक्टर मेहसाना गुजरात, गाँव मांडवारा हिंडन, करौली
  26. आर्य सुनीता बेनिवाल – प्रधान संपादक “अजय भारत” पता- 1264, सेक्टर 16/17, हिसार हरियाणा मोब: 8059680069, 8901518200, 8901297440
  27. जय राम बेनिवाल – आरएएस बायतु, बाड़मेर
  28. विक्रम बेनिवाल – आरएएस हनुमानगढ़
  29. संदीप बेनिवाल – आईएएस – 2014, रैंक – 455
  30. अनिल बेनिवाल: आईपीएस 2014, राजस्थान केडर, हनुमानगढ़ से, एनपीए में ओटी: 9313193092
  31. राय सिंह बेनिवाल: आरपीएस डीएसपी सीआईडी क्राइम ब्रांच जयपुर, फ़ो: 9829821421
  32. राजेश बेनिवाल: आरपीएस में एसीपी बासी, पूर्वी जयपुर फोन: 9829136711 के रूप में तैनात किया गया
  33. सुनील बेनिवाल: आईआरटीएस 2006 बैच, दिल्ली, चुरु, राजस्थान फोन: 9717310900
  34. हेमराज बेनिवाल – आईबीएस, टीब्बी हनुमानगढ़, जाट समिति द्वारा संचालित जाट कन्या छात्रावास के लिए 70000 / – रूपये का दान दिया
  35. Legends and Gems of Beniwal

बैनीवाल/बैन/वैन – यह एक जाट गोत्र है।

प्लीनी (Pliny) मे इस वंश को बैनेवाल लिखा है जो आजकल बैनीवाल नाम से कहा जाता है।

इस वंश के जाट बहुत प्राचीन समय से हैं जिनको मध्य एशिया में वैन या बैन नाम से पुकारा जाता था।

‘मध्य एशिया के प्राचीन इतिहास’ में इनका नाम बारम्बार लिखा गया है जिसके लिए और हवाले देने की आवश्यकता नहीं है।

इस वंश के विषय में हरयाणा की एक ऐतिहासिक कथा निम्न प्रकार से है –

सोनीपत के निकट गन्नौर की ओर जी० टी० रोड से लगभग 20 मील दूरी पर एक स्थान है जिसका नाम मीना माजरा है।

यहां पर प्राचीन नष्ट खण्डहर हैं जिनमें कई-कई मंजिलों के मकान हैं जो कि सब भूमि सतह से बिल्कुल नीचे हैं।

बहुत समय पहले से इन खण्डहरों के निकट के गांवों के लोग, पक्की ईंटें निकाल रहे हैं।

ये ईंटें लगभग 16 इंच लम्बी, 8 इंच चौड़ी और 2 इंच मोटी हैं।

गांवों के लोगों ने रस्सों की सहायता से 30 फुट के गहराई तक दीवारों की ईंटें निकाल ली हैं। इस काम में कुछ मनुष्य मर भी चुके हैं।

इस स्थान के निकट प्राचीन मठ और एक बड़ा तालाब है जो हजारों एकड़ भूमि पर है। वहां पर प्राचीन मूर्तियां मिली हैं।

इस प्राचीन नगर के विषय में लोग बताते हैं कि यह चकवाबैन की राजधानी थी।

तो इस राजा का एक महात्मा चुन्कुट ऋषि से मतभेद हो गया, तो चकवाबैन राजा ने उसको अपने साम्राज्य की सीमाओं से बाहर जाने का आदेश दे दिया।

कई वर्षों के पश्चात् वह महात्मा इस राजधानी में वापिस लौट आया और राजा को बताया कि “मैं उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम दिशाओं में पहाड़ों एवं समुद्रों तक गया,

लोगों ने मुझे प्रत्येक स्थान को सम्राट् चकवाबैन के साम्राज्य का भाग बताया।

अतः मैं आपके साम्राज्य से बाहर जाने के लिए असमर्थ रहा।”

इन सब बातों से ज्ञात होता है कि यह स्थान प्राचीन है और यह नगर जरूर राजधानी या एक महत्त्वपूर्ण केन्द्र था।

इस चकवाबैन के विषय में इतिहास में नहीं लिखा गया है तो भी राजा बैन चक्रवर्ती के नाम पर केसारिया (Kesariya) के निकट एक स्तूप है जिसको ह्यूनत्सांग ने चक्रवर्ती सम्राटों की यादगार लिखा है।

(V.A. Smith, Journal of Royal Asiatic Society, 1952, P. 271)।

कारल्लेयल (Carlleyle) ने भी बैराट (Bairat) (जयपुर) से इसी तरह की परम्परागत कथा का वर्णन किया है और वहां भी चकवाबैन का नाम है।

(Archaeological Survey of India, Vol. VI, P. 84)।

बिहार में स्तूप बनाने वाले चक्रवर्ती बैन और ऊपर बताई हुई पौराणिक कथा वाला चकवाबैन, दोनों एक ही होने का पता खुदाई कार्य से ही लग सकता है।

कनिंघम ने बिहार, अवध और रुहेलखण्ड में चक्रवर्ती बैन के होने का, इसी प्रकार की पौराणिक कथा का उल्लेख किया है (op. cit)।

यह सम्राट् बैन या बैनीवाल गोत्र का जाट था। (जाट्स दी ऐनशन्ट रूलर्ज, पृ० 247-248, लेखक बी० एस० दहिया)।

Legends and Gems of Beniwal 

स्वांगी एवं जोगी भी राजा चकवाबैन, उसका पुत्र राजा महीपाल तथा उसका पुत्र क्षत्रिय राजा सुलतान एवं उसकी रानी निहालदे के गाने प्राचीनकाल से आज तक भी गाते हैं।

इनके साम्राज्य की सीमा तथा समय की ठीक जानकारी नहीं मिलती, फिर भी इनके गानों के आधार पर कुछ जानकारी मिलती है जो कि संक्षिप्त में निम्न प्रकार से है –

सम्राट् चकवाबैन का पौत्र और राजा महीपाल का पुत्र राजा सुलतान का विवाह पंजाब के राजा मघ की सुन्दर राजकुमारी निहालदे से हुआ था।

जानी चोर (मोर गोत्री जाट) राजा सुलतान का मित्र था। एक बार ये दोनों एक नदी के किनारे ठहरे हुए थे। इनको वहां पानी में बहती हुई लकड़ी की तख्ती मिली,

जिस पर लिखा था कि “मैं पंजाब के एक राजा रत्नसिंह की राजकुमारी महकदे हूं।

मेरे पिता के मरने के पश्चात् अदलीखान पठान मुझे बलपूर्वक उठा लाया और अदलीपुर नगर में अपने महल में मुझे बन्दी बनाकर रख रहा है।

कुछ दिनों में मेरे को अपनी बेगम बना लेगा तथा मेरा धर्म बिगाड़ेगा। यदि कोई वीर क्षत्रिय है तो मेरा धर्म बचाओ।”

राजकुमारी महकदे के लिख को पढ़कर राजा सुलतान ने जानी चोर को उसे छुड़ा लाने का आदेश दिया।

जानी चोर नदी पार करके अदलीपुर नगर गया।

वहां पर बड़ी चतुराई एवं छलबाजी से अदलीखान पठान के महल से महकदे को निकाल लाया तथा उसके धर्म की रक्षा की।

राजा सुलतान ने महकदे को उसके पिता के घर पहुंचा दिया। इससे अनुमान लगता है कि अदलीखान सिन्ध नदी के पश्चिमी क्षेत्र का शासक था।

महाराजा चकवाबैन का समय सम्राट् हर्षवर्धन की मृत्यु के पश्चात् का हो सकता है।

यह एक खोज का विषय है जिसके लिए बड़े परिश्रम एवं धनराशि और सरकार के सहयोग की आवश्यकता है।

यद्यपि इतिहास पुस्तकों में उपर्युक्त सम्राटों का उल्लेख नहीं किया गया, किन्तु निस्संदेह इन सम्राटों का शासन रहा।

बैनीवाल/बैन जाटों का शासन जांगल प्रदेश (बीकानेर) में 150 गांवों पर था।

इनका युद्ध बीका राठौर से हुआ जिसने इनको हराकर इनके राज्य पर अधिकार कर लिया।

इन बैनीवाल/बैन जाटों की आबादी राजस्थान, पंजाब, हरयाणा तथा उत्तरप्रदेश में पाई जाती है।

  • दोस्तों मैंने जो जानकारी इक्कठी की है
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Legends and Gems of Beniwal
Hanuman Beniwal with Randhir Deswal

धन्यवाद आपका भाई चौधरी रणधीर देशवाल जिला रोहतक हरियाणा

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Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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1 Response

  1. January 21, 2019

    […] Beniwal Jat gotra […]

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