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kajal jat gotra | काजला जाट गोत्र का इतिहास | भारत के वीर सपूत

kajal jat gotra | काजला जाट गोत्र का इतिहास | भारत के वीर सपूत
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 kajal jat gotra | काजला जाट गोत्र का इतिहास

 kajal jat gotra

 kajal jat gotra
लियाक कुजल और उनके पुत्र पतित कुजल का नाम इतिहास में पाया जाता है। इनके कबीले का नाम भी कोजोल कडफीस के कबीले से जुड़ा था।

स्टेन कोनो इतिहासकार उचित रूप से प्रो. लुडर के इस विचार की पुष्टि करते हुए यह मानते हैं कि कुजुल अथवा कोजोल एक पारिवारिक नाम है।

लेकिन वास्तविकता यह है कि यह एक कबीले का नाम था जो आजकल काजल/कजल/काजला के रूप में लिया जाता है।

इतिहासकार डब्ल्यू होय ने भी कोजोल गोत्र के लोगों का वर्णन किया है। ‘‘जाट प्राचीन शासक’’ नामक पुस्तक/इतिहास में बी.एस. दाहिया ने भी काजला गोत्र के जाटों का उल्ललेख किया है।

काजला गोत्र के जाटों का निकास बीकानेर क्षेत्र से बताया गया है। माना जाता है कि काजला/काजल गोत्र की उत्पति सहारण गोत्र से हुई।

उल्लेख मिलता है कि सहारण गोत्र के जाटों का जैसलमेर के शाही परिवार से सम्बन्ध था और उनकी राजधानी बीकानेर प्रांत में थी।

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सहारण गोत्र की एक पीढ़ी में काजलसिंह नाम का एक बहादुर व प्रसिद्ध व्यक्ति हुआ। काजलसिंह के वंशज ही काजल/काजला कहलाए। इसी कारण से काजल/काजला गोत्र के जाटों का निकास बीकानेर से माना जाता है।

काजलसिंह का एक पुत्र रणधीर सिंह हुआ। वह 1580 में बीकानेर प्रांत छोड़कर पंजाब के जंड़ियाला चला गया और वहां अधिकार जमा लिया।

कहते हैं कि रणधीर सिंह ने शत्रु पर रण में धावा बोला जिसके कारण उसके वंशज ‘‘रणधावा’’ कहलाए। काजला, रणधावा व सहारण गोत्र का आपस में सम्बन्ध होने के कारण इन तीनों गोत्र के जाटों का भाईचारा आज भी कायम है।

काजल/काजला गोत्र के जाटों ने चम्पारी, खोडा, धर्मकोट, डोडा, तलवण्डी व कन्डू नगर की रियासतें बनाई। काजल/काजला गोत्र के जाट समयानुसार विदेशों में भी गए और अपनी बस्तियां बसाई।

कुछ लोग वहीं आबाद हो गए तथा कुछ दलबल सहित अपने पैत्रिक देश भारत लौट आए और यत्र तत्र आबाद हो गए।

हम पढ़ रहे है  kajal jat gotra

प्रमाणों के साथ कहा जा सकता है कि kajal jat gotra के लोग सोवियत संघ, तुर्की, तुर्कमानियां, चीन, अफगानिस्तान, पाकिस्तान तथा फिनलैंड देशों में आबाद रहे हैं और आज भी है।

भारत में जिसे काजला/काजल बोलते हैं, पर्सियन लोग इसे कांजला कहते हैं। मध्य एशिया में जो हमारे वंश के लोग हैं वे खुद को काजलक बोलते हैं।

भारत में kajal jat gotra के जाट मुख्यतया हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब व उत्तरप्रदेश में बसे हुए हैं।

हरियाणा में 14 जिलों के 75 गांवों में काजला/काजल गोत्र के जाट होने का पता चला है। राजस्थान के सीकर, झुंझनु, जयपुर, जोधपुर, चुरू व हनुमानगढ़ सहित कई अन्य जिलों में काजला गोत्र के जाट निवास करते हैं।

पंजाब, दिल्ली व यू.पी. के कई गांवों में काजला गोत्र के बन्धुओं के होने का पता चला है।

 kajal jat gotra | काजला जाट गोत्र के गांव

जिला गांवों की संख्या गांव के नाम

  • 1. अम्बाला 3 जोली, खानपुर दुबली व रोलो
    2. करनाल 6 रायपुर जाटान, बिर्चपुर, घरौंडा, शेखपुरा सुहाना, खुखनी व करनाल
  • 3. कुरूक्षेत्र 18 मलिकपुर, चीबा दुराला, छारपुरा, मंदेड़ी, इस्माईलपुर, अटशाल बागड़ो, बोधनी, शाहबाद, रामगढ़, टयुकर, भोरख, खेड़ी धाब दलान व कतलहेड़ी।
  • 4. कैथल 3 दूबल, रिवाड़जागीर व भूना (खरकड़ा)
    5. भिवानी 10 सैणीवास, जैनावास, सुरपुरा खुर्द, गोकलपुरा, सलेमपुर, गरवां, सुन्दरपुर, ढाणी रहीमपुर, पुर व कलाली।
  • 6. जीन्द 3 हथवाला, सुरबरा, जीन्द शहर
    7. झज्जर 2 सोलधा, सुराकिलोई
    8. पानीपत 2 वैसर, पानीपत शहर
    9. फतेहाबाद 3 धांगड़, बिसला व फतेहाबाद शहर
    10. महेन्द्रगढ़ 1 अटेली मण्डी
  • 11. रोहतक 3 निडाना, चिड़ी, रोहतक शहर
    12. सोनीपत 3 लिबासपुर, निजामपुर, सबोली
  • 13. हिसार 14 काजला, जगान, फ्रांसी, टोकस, कैमरी, जुगलान, नारनौंद, मोठ, सिसाय, बड़ाला, धर्मखेड़ी, लुदास, शीशवाला, हिसार शहर
  • 14. यमुनानगर 4 बाढ़ी माजरा, काजल माजरा, अजीजपुर कलां नई आबादी व छछरोली

पंजाब में kajal jat gotra के गांव

1. संगरूर 5 बंगा बसरा, बुढालाकलां, क्रोधा, कांजला, कांजली
2. फिरोजपुर 1 पंचकोशी
3. होश्यारपुर 1 काजलां
4. कपूरथला 1 थेहकांजला
5. नवांशहर 1 काजला
6. रूपनगर 1 कांजला
7. पटियाला 1 चन्ढीपेनी

 

दिल्ली में kajal jat gotra  के गांव

1. नरेला के नजदीक 2 प्रहलादपुर व सनौठ

उत्तरप्रदेश में काजल गोत्र के गांव

1. मेरठ 2 अमरपुरा, भट्टीपुरा
2. शामली 3 पुरमाफी, जसोई, पारती खुर्द
3. हरिद्वार 1 हरिद्वार शहर

राजस्थान में kajal jat gotra के गांव

1. सीकर 12 बीबीपुर छोटा, जेरठी, छाछीवाड़ बाड़ा, दुल्लेपुरा, फकीरपुरा, काजलां की ढाणी, कुदण, नीमकी, तासरवाड़ी, छाला, मोडयाबाड़, सीकर शहर

2. झूंझनूं 7 अजारीकलां, बणीबढ काजलां, पिलानी, धिन्धवा बिचला, लोयल, झूंझनूं शहर-सुरजगढ़
3. बीकानेर 2 शेखसर, बीकानेर शहर

4. जयपुर शहर 4 बापूनगर, दुर्गापुरा, बजाजनगर, मुरलीपुरा स्कीम
5. जयपुर जिला 1 मुन्डियागढ

6. जोधपुर 2 सुरपुरा खुर्द, जोधपुर शहर

7. चुरू 12 राजगढ़, रामसरा टिब्बा, लिलकी, कादिआं, खारियावास, न्यांगल बड़ी, कालाणा टिब्बा, नुहन्द, कानावासी, भैसली, काजलों की ढाणी, भरतियों की ढाणी

8. हनुमानगढ़ 1 संगरिया

आधार पुस्तक काजला खाप 

kajal jat gotra

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