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सेठ जुगल किशोर बिडला को चौधरी छोटूराम का टका सा जवाब

सेठ जुगल किशोर बिडला को चौधरी छोटूराम का टका सा जवाब

शख्सियत दमदार हो तभी दुश्मन भी बनते है
वरना कमजोरों को तो यहां पूछता ही कौन है ?

 

आज से लगभग 107 साल पहले चौ छोटूराम ने जाटों की शिक्षा का आहवान किया

तो पूरे हरियाणा में जाट शिक्षण संस्थायें खड़ी होती चली गयी जानिए हमारे जाट इतिहास के गौरवमयी कुछ छुपे पहलू :-

एक बार सन् 1931 में सेठ जुगल किशोर बिड़ला जाट हाई स्कूल, रोहतक के पास से गूजरे। उन्होने वहां के छाञों को व्यायाम करते और खेलते हुए देखा।

दिल्ली पहुंच कर बिड़ला सेठ ने चौधरी छोटूराम को पत्र लिखा। उन्होंने स्कूल की प्रशंसा की और आर्थिक सहायता देने की इच्छा प्रकट की।

सेठ जुगल किशोर बिडला का आभार प्रकट करते हुए चौधरी छोटूराम ने लिखा:-

हमने इस संस्था को अपनी जाति के माध्यम से स्थापित किया है, हमारे हाथों मे यह कौम की धरोहर है।

यह संस्था कठोर परिश्रमी किसानों के दान के बल पर अस्तित्व में आई है।

हमें इस संस्था पर गर्व है। हम इसको अपनी संतान की तरह प्यार करते है।

एक लाख रूपये का दान लेकर यह बिड़ला की हो जाएगी, जिसको मै सिद्धान्त से पसन्द नहीं करता।

हम, अपने हर स्तर के गरीब अमीर आदमी की मदद से संस्था को चलाना चाहते है, किसी बिड़ला सेठ की सहायता से नहीं।

आज जाटराम वेबसाइट के बारे में मैं भी चौ साहब वाली बात दोहराता हूँ जाटराम हमारे हाथों में जाट कौम की धरोहर है। हर जाट इसे अपनी संतान की भांति प्यार करता है ।

यह जाट कौम के हर स्तर के गरीब अमीर कठोर मेहनती किसानो के सहयोग से चलती है।

मैं खून पसीना बहाकर इसे राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करूँगा किसी पूंजीपति धन्ना सेठ की चप्पल झाड़ कर नही ।

deenbandhu  Sir Chaudhary chhoturam –  दीनबन्धु सर चौधरी छोटूराम

दीन और गरीबों की जब सुनता कोई पुकार न था,
खेती करने वालों को जब जीने का अधिकार न था॥

चौधरी साहब की पहली शिक्षा थी कि हमें धार्मिक तौर पर कभी भी कट्टर व रूढ़िवादी नहीं होना चहिये।

उस समय संयुक्त पंजाब में 55 हजार सूदखोर थे, जिनमें से लगभग 50 हजार सूदखोर पाकिस्तान के पंजाब में थे और यही हिन्दू पंजाबी वहाँ अधिकतर व्यापारी भी थे।

ये सभी लगभग सिंधी, अरोड़ा-खत्री हिन्दू पंजाबी थे, क्योंकि इस्लाम धर्म में सूद (ब्याज) लेना पाप माना गया है।

उस समय पंजाब की मालगुजारी केवल 3 करोड़ थी। लेकिन सूदखोर प्रतिवर्ष 30 करोड़ रुपये ब्याज ले रहे थे। अर्थात् पंजाब सरकार से 10 गुना अधिक।

उस समय पंजाब में 90 प्रतिशत किसान थे जिसमें 50 प्रतिशत कर्जदार थे। जब गरीब किसान व मजदूर कर्जा वापिस नहीं कर पाता था तो उनकी ज़मीन व पशुओं तक ये सूदखोर रहन रख लेते थे।

चौ॰ छोटूराम की लड़ाई किसी जाति से नहीं थी, इन्हीं सूदखोरों से थी, जिसमें कुछ गिने-चुने दूसरी जाति के लोग भी थे। ये सूदखोर लगभग 100 सालों से गरीब जनता का शोषण कर रहे थे।

उसी समय कानी-डांडी वाले 96 प्रतिशत तो खोटे बाट वाले व्यापारी 49 प्रतिशत थे। किसानों का भयंकर शोषण था।

 

हिन्दू पंजाबियों के अखबार चौ. साहब के खिलाफ झूठा और निराधार प्रचार कर रहे थे कि “चौधरी साहब कहते हैं कि वे बनियों की ताखड़ी खूंटी पर टंगवा देंगे।”

इस प्रचार का उद्देश्य था कि अग्रवाल बनियों को जाटों के विरोध में खड़ा कर देना। जबकि सच्चाई यह थी कि चौधरी साहब का आंदोलन सूदखोरों के खिलाफ था, चाहे वो किसी भी जाति के हों।

उसके बाद यह प्रचार भी किया गया कि चौधरी साहब ने अग्रवाल बनियों को बाहर के प्रदेशों में भगा दिया।

जबकि सच्चाई यह है थी कि अग्रवालों का निवास अग्रोहा को मोहम्मद गौरी ने सन् 1296 में जला दिया था जिस कारण अग्रवाल समाज यह स्थान छोड़कर देश में जगह-जगह चले गये थे।

यह अभी अग्रोहा की हाल की खुदाई से प्रमाणित हो चुका है कि अग्रवालों ने इस स्थान को जलाया जाने के कारण ही छोडा था। (पुस्तक – अग्रसेन, अग्रोहा और अग्रवाल)।

सेठ

deenbandhu  Sir Chaudhary chhoturam –  दीनबन्धु सर चौधरी छोटूराम

संयुक्त पंजाब में महाराजा रणजीतसिंह के शासन के बाद से ही इन सूदखोरों ने किसान और गरीब मजदूर का जीना हराम कर दिया था।

क्योंकि अंग्रेजी सरकार को ऐसी लूट पर कोई एतराज नहीं था क्योंकि वे स्वयं भी पूरे भारत को लूट रहे थे।

एक बार तो लार्ड क्लाइव 8 लाख पाउण्ड चांदी के सिक्के जहाज में डालकर ले गया जिसे इंग्लैण्ड के 12 बैंकों में जमा करवाया गया।

इस पर अमर शहीद भगतसिंह ने भी अपनी चिंतन धारा में स्पष्ट किया था कि “उनको ऐसी आजादी चाहिए जिसमें समस्त भारत के मजदूरों व किसानों का एक पूर्ण स्वतंत्र गणराज्य हो तथा इसके लिए किसान और मजदूर संगठित हों।”

आपका छोटा सा भाई चौधरी रणधीर देशवाल

दीनबन्धु सर चौधरी छोटूराम का जाट गजट पढने के लिए यहाँ  पर करे 

दोस्तो अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो कमेन्ट जरूर करे  जय जाट एकता

deenbandhu  Sir Chaudhary chhoturam –  दीनबन्धु सर चौधरी छोटूराम

Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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