Jatram Home

रहबर ए आजम | किसान मसीहा | दीनबन्धु सर छोटूराम

एक था रहबर

ए जमींदार ! अब तक तू पैरों के नीचे कुचला जाता है, तूने अभी तक अपनी असलियत को नहीं समझा |

भगवान पर सबकुछ छोडकर निहत्था होकर मत बैठ, भगवान तेरी मदद को नहीं आएगा तुझे अपनी मदद खुद करनी पड़ेगी |

रहबर कहता है कि हे जमींदार हे किसान ! जमींदार कमाता है , गैर जमींदार आराम और सुख भोगता है|

जमींदार से रुपया बटोरा जाता है, गैर जमींदारों के फायदे के लिए खर्च किया जाता है |

नंगे बदन, नंगे पाँव और खाली पेट काम करके जमींदार दौलत पैदा करता है और साहूकार की खत्ती और सरकारी खजाने को भरता है |

मगर इसका खुद का लंगर हमेशा पस्त रहता है , स्त्री बच्चें भूखे मस्त , खुद का पेट खाली , यह क्या तमाशा है |

यह क्या आपत्ति है जमींदार पर, और कब तक रहेगी ? जवाब साफ़ है जमींदार को ऊँची निगाह से नही देखा जाता | वह भी अपने आपको सबका बेगारी समझता है |

Jat Guzzute | सर छोटूराम का जाट गजट यहाँ पढ़े 

ए जमींदार ! अब तक तू पैरों के नीचे कुचला जाता है, तूने अभी तक अपनी असलियत को नहीं समझा |

भगवान पर सबकुछ छोडकर निहत्था होकर मत बैठ, भगवान तेरी मदद को नहीं आएगा तुझे अपनी मदद खुद करनी पड़ेगी |

किस्मत कुस्मत बेकार चीज है खुद को समर्थ बना | हर समय भगवान का इंतजार मत किया कर | वो नही आएगा तुझे बचाने बल्कि तुझे खुद लड़ना होगा |

रहबर

नीचे तेरे विषय में रहबर द्वारा एक रागनी कही जाती है |

गरीब दुखी किसान की, कोए करता नही सुनाई
रहबर बनके तू हे आजा, म्हारी हो जा सफल कमाई |

साहूकार मने न्यू बोला, चौधरी कर्ज़ लौटादे मेरा
इबकी बरिया खाली न जा, अनाज बाँध लू तेरा
कपटी लाला तने के बेरा, मेरे धोरे कोन्या पाई
रहबर बनके तू हे आजा, …..

एक सरकारी मुलाजिम आया बोला नाक चढ़ाके
जमींदार ज ना माना, ले जांगा हथकड़ी लगाके
किसके टक्कर मारू जाके, मेरी कोन्या पार बसाई
रहबर बनके तू हे आजा,…

कोर्ट त इब बुलगी कुर्की, जमींदार बेचारा हार लिया
जमीन जानवर लेगे आके, छाती म मुक्का मार लिया
तन का चाम उतार लिया , तने कतई शर्म न आई
रहबर बनके तू हे आजा,….

तहसीलदार कदे पटवारी , सब लूटन खावन आले
दरोगा जी, दीवानी अदालत, जुल्म ये ढावन आले
”देशवाल” तेरे दुश्मन लाले, इब बात समझ म आई
रहबर बनके तू हे आजा, म्हारी हो जा सफल कमाई |

पूरा लेख पढने के लिए www.jatram.com पर क्लिक करे |

यह लेख कॉपीराइट है कृपया कॉपी पेस्ट करते समय वेबसाइट का link न हटाए |

Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *