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Mission 2018 Change Rajasthan | Hanuman Beniwal The Real Tiger

Mission 2018 आओ बदले राजस्थान

Mission 2018

Mission 2018 राजस्थान के किसान गरीब मजदूर कमेरे वर्ग के लिए एक मुक्ति की आश लेकर आया है जिसमे पूंजीवाद व सामन्तवाद से छुटकारा पाने के लिए लोकतान्त्रिक तरीके से किसान की सरकार अस्तित्व में आ सके | आज़ादी के 71 साल बाद गाँव के गरीब किसान मजदूर वर्ग में सामाजिक राजनितिक व आर्थिक आज़ादी के लिए क्रांतिकारी करवट ली है |

अब तक जीतने भी नेता सत्ता के गलियारे से होकर विधानसभा पहुंचे है उनमे से अधिकतर नेता ऐश आराम व विलासिता का जीवनचुनकर गरीब मतदाताओं को भुला देता है | गरीब किसान मजदूर को वह एक बदबूदार प्राणी समझने लगते है जैसे कि वो  सिर्फ मेहनत करने व शोषण सहने हेतु पैदा हुआ हो |

आइये जानते है राजस्थान की बहुसंख्यक आबादी की कुछ मुलभुत चीजे :-

  1. राजस्थान की आबादी का मुख्य भाग लगभग 70 % किसानी व पशुपालन पर निर्भर है |
  2. किसानी के लिए मूल रूप से पानी जरूरी है जिसकी यहाँ सबसे ज्यादा कमी है |
  3.  राजे रजवाड़ों व सामंतों के अधीन रहने से अधिकतर आय के साधनों पर राजपूतों का एकाधिकार रहा |
  4. आज तक राजपूत खुद को राजा समझते है और दूसरी जातियों को दास से ज्यादा कुछ नहीं |
  5. शेखावटी किसान आन्दोलन के बाद स्थिति में थोडा बदलाव आया और शोषित वर्ग में चेतना जागी |
  6. मुगल व अंग्रेज़ शासन में रजवाड़ों की ही चलती थी और ये जनता का भयंकर शोषण करते थे |
  7. आज़ादी के बाद भी ये राजस्थान को अपने बाप की जागीर समझते है जिसमे अन्य की हिस्सेदारी नही |
  8. गरीब कमजोर जाति के कंधे पर पैर रखकर ऊंट पर चढने के इतिहास को यह अपना गौरव समझते है |
  9. ब्राह्मणों के साथ गठजोड़ सातवी सदी से है दोनों ने मिलकर धार्मिक डर दिखाकर जनता को खूब लुटा है|
  10. वर्तमान लोकतंत्र में भी यह अपनी तानाशाही चलाना चाहते है पर अब यह सम्भव नहीं |

Mission 2018

  1. जाट पटेल मीणा अहीर मेघ गुज्जर आदि मुख्य किसानों को आज तक दोयम दर्जे का समझा जाता है |
  2. हकीकत यह है सबका पेट भरने वाली जातियों की आवाज़ या तो दबा दी गयी या अनसुनी कर दी गयी |
  3.  कांग्रेस और भाजपा बदल बदल कर सरकारें बनाती गयी जिसमे पूंजीपति वर्ग के फायदे की हर चीज की गयी
  4. पर स्वर्ण समाज ने छल व बल से गरीब पिछड़े दलित आदिवासी समुदाय हाशिये पर धकेल दिए गये |
  5. सरकारों ने न ही सिंचाई की व्यवस्था पर ध्यान दिया न ही दुसरे रोजगार की कोई व्यवस्था करी |
  6. आज जो थोड़ी बहुत किसान की तरक्की है वो बलदेवराम मिर्धा जैसे महान नेताओं के संघर्ष का परिणाम है |
  7. शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी की नजरंदाजी के बावजूद स्वामी केशवानंद जैसे महापुरुषों की वजह से क्रांति आई |
  8. धर्म व शाही शान का भय दिखाकर गरीबों को कुचलते गये जो आज इनके विरुद्ध विद्रोह पर उतारू है |
  9. पूंजीवाद सामन्तवाद को बढ़ावा देकर सरकारों ने गरीब को ज्यादा गरीब बना दिया जबकि धन्ना सेठ की तिजोरियां लबालब भर्ती चली गयी |
  10. शहर हितैषी निति के कारण गाँव में नाममात्र की सुविधा भी देखने को नही मिलती |
  11. सरकारी स्कुल व हस्पतालों में मातम जैसा हालात नजर आते है ताकि गरीब व्यक्ति पढकर इनकी चाल न समझ सके और गुलामों की तरह पीढ़ी दर पीढ़ी कोल्हू का बैल बनकर साहूकारों की खत्ती व सरकारों के खजाने भरता रहे |
  12. खुद भूखा नंगा रहकर भी इनका विरोध न कर सके | अगर करे तो उसे धर्म के अनुसार पूर्वजन्म के फल (ब्राह्मण वैश्य क्षत्रिय शुद्र ) बताकर चुप करा दे | चूँकि हिन्दू धर्म में ब्राह्मण वैश्य व क्षत्रिय वर्ण को ही ऊँचा दर्जा दिया गया है अन्य को नीच का |

 

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Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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