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दारा सिंह रंधावा जट्ट – एक था रुस्तम ए हिन्द

एक था रुस्तम –दारा सिंह

दारा सिंह रंधावा का जन्म 19 नवंबर 1928 को अमृतसर के धरमूचक गांव में हुआ था।

जब वह बालक थे तो दारा सिंह का तगड़ा और विशाल शरीर था और इसलिए कई पड़ोसी ग्रामीणों ने उसे पहलवानी (कुश्ती) सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

युवा दारा सिंह 1947 में सिंगापुर गए

वहां उन्होंने एक ड्रम निर्माण मील में महीनों तक काम किया।

उन्होंने ग्रेट वर्ल्ड स्टेडियम में हरमन सिंह के देखरेख में अपना कुश्ती सिखने का काम भी शुरू किया।

सिंगापुर में रहने के दौरान, उन्होंने तारालोक सिंह को हराया और भारतीय कुश्ती शैली का मलेशिया का चैंपियन बना।

 दारा सिंह

 1959 में, दांग किंग कांग, जॉर्ज गॉर्डिन्को, जॉन डिसिल्वा जैसे विश्व में दुसरे  बड़े नामों को पराजित करके दारा राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन बन गए थे।

सन  1954 में वो भारतीय चैंपियन बन गए। 1996 में उन्हें कुश्ती ऑब्जर्वर न्यूज़लैटर हॉल ऑफ फ़ेम में शामिल किया गया।

हैरानी की बात है, उन्होंने अपने कैरियर के दौरान कभी भी कोई भी मैच नहीं हारा है।

उन्होंने 500 से अधिक मैच जीतने के बाद जून 1983 में दिल्ली में कुश्ती से सन्यास की घोषणा की।

1968 में, दारा सिंह अमेरिका के लो थीस को हरा, विश्व चैंपियन बन गये थे ।

उन्होंने बॉलीवुड फिल्म उद्योग में एक्शन हीरो के रूप में काम किया।

उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में वतन से दूर , दादा, रूस्तम-ई-बगदाद,

शेर दिल, सिकंदर-ए-आज़म और राका शामिल हैं।

दारा सिंह वह व्यक्ति थे जिन्होंने उस समय की टॉप हिरोइन मुमताज को अपना पहला बड़ा ब्रेक दिया था। उन्होंने दर्जनों फिल्मों को एक साथ मिलकर किया है।

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दारा सिंह

1980 के दशक के अंत में दारा सिंह

जहां महाकाव्य रामायण सीरियल में हनुमान की भूमिका में टेलीविजन स्क्रीन पर दिखाई दिया और भूमिका के लिए उन्हें अत्यधिक सराहा गया था।

 राज्यसभा में नामांकित होने वाले पहले खिलाड़ी बने दारा सिंह।

उन्होंने 2003 से 2009 के बीच संसद के सदस्य के रूप में कार्य किया।

वह आजीवन जाट महासभा के अध्यक्ष रहे 

कुश्ती में उनका योगदान नई पीढ़ियों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में देखा जाता है।

दिल की बीमारी के कारण 12 जुलाई 2012 को मुंबई में अपने घर में दारा सिंह का निधन हो गया।

दारा सिंह

दारा सिंह

मोहाली, पंजाब में दारा स्टूडियो के मालिक थे, जिसे 1978 में स्थापित किया गया था और 1980 से चालू किया था।

रुस्तम-ए- हिंद दारा सिंह कौन नहीं जानता है. पहलवानी के अलावा उन्होंने एक्टिंग में भी हाथ अजमाया।

पंजाब के अमृतसर जिले के धर्मचूक गांव में जन्में दारा सिंह ने 1962 में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा।

उन्होंने रामानंद सागर के सीरियल रामायण में दारा सिंह ने हनुमान का किरदार निभाया, हनुमान के किरदार से वह काफी फेमस हुए।

अब जल्द ही दारा सिंह के बारे में लोगों को और भी ज्यादा जानकारी जानने को मिलेगी।

अभिनेता बिंदू दारा सिंह ने कहा कि कॉमिक बुक ‘एपिक जर्नी ऑफ द ग्रेट दारा सिंह’ उनके दिवंगत पहलवान व अभिनेता पिता को असल जीवन के सुपरहीरो के रूप में पेश करेगी।

इस श्रृंखला का लॉन्च मुंबई कॉमिक कॉन 2018 के मौके पर शनिवार को होगा।

बिंदू ने एक बयान में कहा, “पुस्तक मेरे पिता दारा सिंह को असल जीवन के सुपरहीरो के रूप में पेश करेगी जो एक विश्व कुश्ती चैंपियन और हर किसी के लिए प्रेरणा थे।”

उन्होंने कहा, “इस किताब का उद्देश्य दुनिया के सामने रुस्तम-ए-हिंद के छिपे हुए पहलुओं को पेश करना है, जिसमें लोगों को रेसलिंग रिंग के अंदर दारा सिंह की आक्रामक व बाहर की दुनिया में अनुशासन और विनम्र व्यवहार जैसी चीजें जानने का मौका मिलेगा।”

Dara Singh Randhawa

रुस्तम ए हिन्द की बॉलीवुड में खूब रूचि थी, उन्होंने 5 फिल्मों का निर्देशन भी किया था।

फिल्‍म जब वी मेट में वो आखरी बार करीना कपूर के दादा जी के रूप में नजर आये थे।

12 जुलाई 2012 को एक असली सिंह इस दुनिया को छोड़कर चले गए।

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Randhir Deswal

Hi, I am Randhir Singh a Solo Travel Blogger form Rohtak Haryana. I am a writer of Lyrics and Quotes.

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